नहाय-खाय
पवित्र स्नान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया जाता है।
॥ ॐ सूर्याय नमः ॥
नादियामी गोट टोल, दरभंगा
आस्था • पवित्रता • सेवा • समर्पण
सूर्य उपासना और छठी मैया की असीम कृपा का पावन पर्व।
आप सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।
छठी मैया सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करें।
छठ पूजा भारत के प्रमुख लोकपर्वों में से एक है, जिसे विशेष रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
इस पावन पर्व में व्रती भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना करते हैं। यह पर्व प्रकृति, परिवार, अनुशासन, स्वच्छता और कृतज्ञता का सुंदर संदेश देता है।
श्रद्धा, नियम और भक्ति से जुड़ी चार दिनों की पवित्र परंपरा।
पवित्र स्नान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया जाता है।
दिनभर उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
अस्त होते सूर्य को नदी या जलाशय में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है और मंगलकामना की जाती है।
आस्था और उल्लास के साथ तैयारी करें।
तारीख हर वर्ष बदलती है। सही वर्ष की तिथि script.js में अपडेट करें।पूजा में उपयोग होने वाली पारंपरिक सामग्री।
अर्घ्य और प्रसाद सजाने के लिए
श्रद्धा और प्रकाश का प्रतीक
पूजा का पारंपरिक फल
प्रसाद और फल अर्पण
छठ का विशेष पारंपरिक प्रसाद
पूजा स्थल की पारंपरिक सजावट
ऋतु के अनुसार फल और प्रसाद
पूजा में उपयोग होने वाला पात्र
RedSaurb (CC BY-SA 4.0), Indrani911basu (CC BY-SA 4.0), Ivar Leidus (CC BY-SA 4.0), Wilfredor (CC BY-SA 3.0), Biswarup Ganguly (CC BY 3.0), Dandy1022 (CC BY-SA 3.0), और Ivar Leidus (CC BY-SA 4.0). तस्वीरें display के लिए crop की गई हैं।
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आपके परिवार में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे।
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